आजकल श़हजाद का रुख़ किस तरफ है...

ajkal sehjad akhilesh sorari uttarakhand india

आजकल श़हजाद का रुख़ किस तरफ है।
भीगना है,प्यार की बरसात का रुख़ किस तरफ है।
मैं ढूँढ़ता सारे जहाँ में खुशबुऐं जिस फूल की,
कोई बतायेगा? ‘चमन के नाज़’ का रुख़ किस तरफ है।
ना शिक़ायत,ना गिला,नाराज़गी है।
प्यार की सरगम सुनाती जिन्दगी है।
चल पड़ेगा बाँवरा मन उस तरफ,
महबूब के दीदार का सुख जिस तरफ है।
आजकल श़हजाद का रुख़ किस तरफ है।

This Post Has 5 Comments

  1. Interesting stuff to read. Keep it up.

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