घुमक्कड़ी

घुमक्कड़ी मैख्व़ार मैं,जरा अलग हूँ… एक शराब,बूंद-बूंद मिलकर बरसती है मिरे पैमाने में…समन्दर हो जाती है..मैं उसके नशे में चूर रहता हूँ। मैं सस्ती,मस्ती नहीं पीता..मेरी मस्ती, परम का प्रसाद है,जिसके खजाने प्रकृति मे सरेआम बिखरे पडे हैं। मेरी यायावरी मुझे उन तक पहुँचाती है…इक नया कलेवर मुझे ओढ़ाती है..घुमक्कड़ी मेरी फितरत में शामिल है..तो … Read more

बब्लीधार की जूली

बब्लीधार की जूली मिलम (ग्लेशियर) यात्रा के बेहद खूबसूरत पड़ाव ‘बब्लीधार’ में हमारा मिलन हुआ…तुम अपनी दो सहेलियों संग पथरीले खडंजे में बड़ी नजाक़त के साथ बैठी थी..और मैं सामने इक झोपड़े के अांगन में लगी बेंच में यार-दोस्तों संग बैठकर पहाड़ी चाय पी रहा था.. चाय की चुस्की लेकर नज़र उठी तो तुम्हारी जुल्फों … Read more

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मानव संस्कृति में हजारों साल पहले से ही ‘योग’ हमारी दैनिक जीवन शैली का हिस्सा रहा है। योग एक अत्यन्त प्राचीन और कारगर तकनीक है जो मानव को उसके ऊँचे से ऊँचे आयामों,क्षमताओं और सम्भावनाओं तक ले जाने में सर्वदा सक्षम है। योग की एकाधिक विधाओं ने सम्मिलित रूप से अध्यात्म के … Read more