घुमक्कड़ी

घुमक्कड़ी मैख्व़ार मैं,जरा अलग हूँ... एक शराब,बूंद-बूंद मिलकर बरसती है मिरे पैमाने में...समन्दर हो जाती है..मैं उसके नशे में चूर…

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