Akhilesh Sorari

उर्ष-ए-वीराँ में तरन्नुम सी कोई। बज रही सरगम मेरी धडकन में कोई।

निसर्ग को प्रणाम् है!

जिस प्राकृतिक ऊर्जा से यह पिण्ड सराबोर हो रहा है,जिस परमस्रोत की रौशनी में नहाकर मैं धन्य हो रहा हूँ…

11 months ago

मेरी रूहानी महोब्बतों की कहकशां

मेरी रूहानी महोब्बतों की कहकशां से गुजरो कभी,तुम्हारी रुह को अपना ना बना लूँ तो कहना।कभी सर-ए-अंजुमन,नूर-ए-जहाँ! मुख़ातिब जो हो…

11 months ago

चाँद सजी रात का

पृष्ठ इक पलट गया, जिन्दगी किताब का।धार कलम सुर्ख स्याह रंग की दवात का।सूर्य छिपा लाल चुनर ओढ़ क्षितिज सांझ…

1 year ago

सोरघाटी (पिथौरागढ़) की खूबसूरती

ये शहर मुझे मेरे अंतरतम से जोड़ता है। किसी बहाने से ही सही, यहाँ अक्सर आता हूँ। यहाँ होकर अलग…

1 year ago

घुमक्कड़ी

मैख्व़ार मैं,जरा अलग हूँ… एक शराब,बूंद-बूंद मिलकर बरसती है मिरे पैमाने में…समन्दर हो जाती है..मैं उसके नशे में चूर रहता…

1 year ago

रुकी-रुकी सी साँसें..

रुकी-रुकी सी साँसें आ रही हैं इस कदर..मरा-मरा सा कोई जी रहा हो जैंसे। अनवरत अश़्क यूं आँख से बह…

1 year ago

तुम रूठकर मुश्किल मेरी आसान करती हो

सहजता से भूल पाना हो रहा मुमकिन तुम्हें,तुम रूठकर मुश्किल मेरी आसान करती हो।मगर तुम प्रेम की लावर्ण्यताओं के लिये…

1 year ago

मन-मोहक मुस्कान तुम्हारी

कौंल पद्म सी,कुंद कुसुम सीश्वेत शुभ्र शोभित सुकुमारी।  मन-मोहक मुस्कान तुम्हारी।                 मधुमय…

1 year ago

बब्लीधार की जूली

मिलम (ग्लेशियर) यात्रा के बेहद खूबसूरत पड़ाव ‘बब्लीधार’ में हमारा मिलन हुआ…तुम अपनी दो सहेलियों संग पथरीले खडंजे में बड़ी…

1 year ago

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

मानव संस्कृति में हजारों साल पहले से ही ‘योग’ हमारी दैनिक जीवन शैली का हिस्सा रहा है। योग एक अत्यन्त…

1 year ago