Ankit Dhasmana

कभी जब वक़्त मिले

कभी जब वक़्त मिले…ठोस शहर की गुमनाम दीवारे छोड़कल कल बहती नदिओं की तरफ जानागली कूंचें बहकी हुई सड़के छोड़छोटी…

1 year ago