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pithoragarh

सोरघाटी (पिथौरागढ़) की खूबसूरती

ये शहर मुझे मेरे अंतरतम से जोड़ता है। किसी बहाने से ही सही, यहाँ अक्सर आता हूँ। यहाँ होकर अलग किरदार,अलग ही कलेवर में होता हूँ। यहाँ हर वक्त मेरे भीतर कोई संगीत बजता रहता है। जिन्दगी के छः साल किसी सुहाने मौसम की तरह गुजर गये और दे गये रूहानी महोब्बतों का तोहफा। जिन … Read more

हे पथिक तू चलता जा!

हे पथिक तू चलता जा हे पथिक तू चलता जा, ये राह तुझे ले जाये जहाँ,न मदिरालय की खोज में, न मनमौजो की मौज में,बस तू चलता जा, देख डगर ये हुई पुरानी,आज है यारी कल बन जाएगी ये एक कहानी,तू अपनी बातें लिखता जा,हे पथिक तू चलता जा, कई कागज़ यु कोरे है, धुल … Read more

नदी का एक छोर

नदी का एक छोर सुहाना, याद दिलाता है एक अफसाना, धुमिल होती कुछ यादें पुरानी और वो तुम्हारा शर्माना, हाँथ पकड़ना और मंद-मंद मुस्काना, जैसे दोहरा रहे हो, बचपन का वो समय पुराना, हम आज भी खिचे चले आते है इस डगर, चाहे साथ नहीं अब तुम्हारा, संजो कर रखते है इन लहरों को अक्सर, … Read more