हे पथिक तू चलता जा!

हे पथिक तू चलता जा हे पथिक तू चलता जा, ये राह तुझे ले जाये जहाँ, न मदिरालय की खोज में, न मनमौजो की मौज में, बस तू चलता जा, देख डगर ये हुई पुरानी, आज है यारी कल बन जाएगी ये एक कहानी, तू अपनी बातें लिखता जा, हे पथिक तू चलता जा, कई … Read more

नदी का एक छोर

नदी का एक छोर नदी का एक छोर सुहाना, याद दिलाता है एक अफसाना, धुमिल होती कुछ यादें पुरानी और वो तुम्हारा शर्माना, हाँथ पकड़ना और मंद-मंद मुस्काना, जैसे दोहरा रहे हो, बचपन का वो समय पुराना, हम आज भी खिचे चले आते है इस डगर, चाहे साथ नहीं अब तुम्हारा, संजो कर रखते है … Read more

रुकी-रुकी सी साँसें..

रुकी-रुकी सी साँसें.. रुकी-रुकी सी साँसें आ रही हैं इस कदर.. मरा-मरा सा कोई जी रहा हो जैंसे। अनवरत अश़्क यूं आँख से बह गये.. समन्दर में सुराख़ हुआ हो जैंसे। मेरी बातों से धुआँ सा उठता है क्यों.. मेरे भीतर कोई शख़्स राख़ हुआ हो जैंसे।

तुम रूठकर मुश्किल मेरी आसान करती हो

तुम रूठकर मुश्किल मेरी आसान करती हो सहजता से भूल पाना हो रहा मुमकिन तुम्हें, तुम रूठकर मुश्किल मेरी आसान करती हो। मगर तुम प्रेम की लावर्ण्यताओं के लिये सच्ची समर्पित, भावनाओं का क़तल अविराम करती हो। जहाँ पल-पल जरूरत है सुधा की,कंठ वो प्यासे रखे, दुत्कारती बंजर जमीनों पर बरसती हो। मगर सच्चा हृदय … Read more

मन-मोहक मुस्कान तुम्हारी

मन-मोहक मुस्कान तुम्हारी कौंल पद्म सी,कुंद कुसुम सी श्वेत शुभ्र शोभित सुकुमारी।   मन-मोहक मुस्कान तुम्हारी।                 मधुमय किसलय फूट पडेंगे                अलि मधुरस पर टूट पडेंगे।              तुम्हें देख हे!बाग दुलारी।           … Read more

आजकल श़हजाद का रुख़ किस तरफ है

आजकल श़हजाद का रुख़ किस तरफ है… आजकल श़हजाद का रुख़ किस तरफ है। भीगना है,प्यार की बरसात का रुख़ किस तरफ है। मैं ढूँढ़ता सारे जहाँ में खुशबुऐं जिस फूल की, कोई बतायेगा? ‘चमन के नाज़’ का रुख़ किस तरफ है। ना शिक़ायत,ना गिला,नाराज़गी है। प्यार की सरगम सुनाती जिन्दगी है। चल पड़ेगा बाँवरा … Read more