Poetry

अलि-अवली मधुरस पी जायेगी सारा

अलि-अवली मधुरस पी जायेगी सारा,मधु-मुकुल! तुम्हें छिपकर रहना होगा।हे! कुसुम कली,तुम जिस मधुकर के लिये बनी,इन्तज़ार में उस मधुकर के…

11 months ago