आजकल श़हजाद का रुख़ किस तरफ है

आजकल श़हजाद का रुख़ किस तरफ है… आजकल श़हजाद का रुख़ किस तरफ है। भीगना है,प्यार की बरसात का रुख़ किस तरफ है। मैं ढूँढ़ता सारे जहाँ में खुशबुऐं जिस फूल की, कोई बतायेगा? ‘चमन के नाज़’ का रुख़ किस तरफ है। ना शिक़ायत,ना गिला,नाराज़गी है। प्यार की सरगम सुनाती जिन्दगी है। चल पड़ेगा बाँवरा … Read more

ये शादाब चेहरा ये शफ्फाक आँखे

ये शादाब चेहरा ये शफ्फाक आँखे ये शादाब चेहरा ये शफ्फाक आँखे। ये जुल्फें घनेरी ये मुस्कान तेरी। कहीं दिल में हलचल सी तो हो रही है। कहीं भावनायें बही जा रही है। कहीं तो कुमुद सी कली खिल रही है। कहीं बूंद बारिश धरा मिल रही है। तुम्हें देख धडकन धड़कते-धड़कते। कहीं जिस्म की … Read more

उत्तराखंडी शादी – शुद्ध पहाड़ी प्रेम

उत्तराखंडी शादी – शुद्ध पहाड़ी प्रेम शादी शब्द सुनते ही दिमाग में कई कहानिया बनने लगती हैं | आजकल पहले प्रेम कहानी होती है, फिर परिवारों का मिलना जुलना होता है, फिर शादी होती है , लेकिन किसी जमाने में हमारे उत्तराखंड में पहले परिवार मिलते थे फिर शादी हो जाती थी और फिर होता … Read more

अलि-अवली मधुरस पी जायेगी सारा

अलि-अवली मधुरस पी जायेगी सारा अलि-अवली मधुरस पी जायेगी सारा,मधु-मुकुल! तुम्हें छिपकर रहना होगा।हे! कुसुम कली,तुम जिस मधुकर के लिये बनी,इन्तज़ार में उस मधुकर के रहना होगा।पुलक तुम्हारी दशों दिशाओं महक रही है,तुम्हें देख,जग उरा-कामिनी बहक रही है।निज उर का उद् गार तुम्हें भी कहना होगा,इन्तज़ार में उस मधुकर के रहना होगा।भरी माधुरी भ्रमर अनेकों … Read more

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